सम्पूर्णा द्वारा बेंगलुरु में जल संरक्षण एवं जल निकायों के पुनर्जीवन पर विशेष प्रेस वार्ता का सफल आयोजन
सम्पूर्णा द्वारा बेंगलुरु में जल संरक्षण एवं जल निकायों के पुनर्जीवन पर विशेष प्रेस वार्ता का सफल आयोजन
सम्पूर्णा द्वारा अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के सहयोग से आज बेंगलुरु प्रेस क्लब में एक विशेष प्रेस वार्ता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता का मुख्य विषय “जल संरक्षण और जल निकायों का पुनर्जीवन” था। कार्यक्रम में जल संकट की गंभीरता, जल संरक्षण की आवश्यकता और जल निकायों के पुनर्जीवन हेतु सामूहिक प्रयासों पर विस्तृत चर्चा की गई।
प्रेस वार्ता में सम्पूर्णा संस्थापिका डॉ. शोभा विजेंद्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “जल संरक्षण हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। यदि हम आज जल को संरक्षित नहीं करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि जल निकायों का पुनर्जीवन न केवल पानी की समस्या को कम करेगा बल्कि पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह केवल सरकारी संस्थाओं का ही दायित्व नहीं है, बल्कि समाज के हर नागरिक की सहभागिता से ही इस समस्या का समाधान संभव है।
डॉ. शोभा विजेंद्र ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज दिल्ली, बेंगलुरु सहित देश के अनेक बड़े शहर जल संकट से जूझ रहे हैं। तेजी से बढ़ती आबादी, अनियंत्रित शहरीकरण और जल स्रोतों के अतिक्रमण के कारण जल उपलब्धता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने बताया कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में यह संकट और गहरा सकता है।
प्रेस वार्ता के दौरान सम्पूर्णा और अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के प्रतिनिधियों ने बताया कि संस्था न केवल जागरूकता बढ़ाने का कार्य करती है, बल्कि विभिन्न शहरों में जल निकायों के पुनर्जीवन हेतु तकनीकी और सामुदायिक सहयोग भी उपलब्ध कराती है। संस्था का मानना है कि जब स्थानीय समुदाय जल संरक्षण के लिए स्वयं आगे आते हैं, तभी स्थायी परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
कार्यक्रम में बेंगलुरु और आस-पास के क्षेत्रों से आए पर्यावरणविदों, समाजसेवियों, महिला मंडल के पदाधिकारियों और मीडिया प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सभी ने जल संरक्षण को राष्ट्रीय आंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और यह संकल्प लिया कि समाज के हर वर्ग को इस अभियान से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। सम्पूर्णा ने यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में देश के विभिन्न राज्यों में इसी विषय पर कार्यशालाओं और संवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि जल संरक्षण और जल निकायों के पुनर्जीवन की दिशा में ठोस और स्थायी पहल की जा सके।
